रियल एस्टेट डवलपर्स के संगठन क्रेडाई ने कहा है कि लॉकडाउन के बावजूद पिछले कुछ हफ्तों में देश में सीमेंट और स्टील की कीमतों में 40 से 50 फीसदी तक का उछाल आया है। इसके लिए संगठन ने उत्पादकों पर कथित कीमतों को लेकर गुटबंदी और अनुचित व्यापार व्यवहार अपनाने का आरोप लगाया है।
केंद्रीय मंत्री से हस्तक्षेप की मांग
कीमतों में बढ़ोतरी पर संगठन ने केंद्रीय हाउसिंग और अर्बन मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखा है और हस्तक्षेप की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि सभी राज्यों में सीमेंट की कीमत 100 से 250 रुपए प्रति बैग और स्टील की कीमत 2000 से 2500 रुपए प्रति टन बढ़ गई हैं। पिछले कुछ सप्ताहों में लॉकडाउन के बावजूद सीमेंट और स्टील जैसे कच्चे माल की कीमतें 40 से 50 फीसदी बढ़ गई हैं।
निर्माण लागत में होगी बढ़ोतरी
केंद्र सरकार ने ऐसे डवलपर्स को निर्माण की इजाजत दे दी है जिनकी लेबर कंस्ट्रक्शन साइट्स पर पहले से ही उपलब्ध है। क्रेडाई ने कहा है कि कोविड-19 के कारण रियल एस्टेट इंडस्ट्री संकट का सामना कर रही है। अब निर्माण में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी से पेंच फंस गया है जिससे निर्माण लागत में बढ़ोतरी होगी और पूरे प्रोजेक्ट की कीमत बढ़ जाएगी। क्रेडाई का कहना है कि कम मार्जिन के कारण कई डवलपर्स ने निर्माण कार्य रोक दिया है। इससे प्रोजेक्ट के पूरा होने में देरी होगी।
कीमतों में बढ़ोतरी का मुद्दा दूसरे मंत्रालयों के समक्ष उठाने की मांग
क्रेडाई ने केंद्रीय मंत्री से कहा है कि कीमतों में यह अचानक वृद्धि अनैतिक व अनुचित है और व्यापार प्रथाओं के विरुद्ध है। संगठन ने निर्माण कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए केंद्रीय मंत्री से बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने की अपील की। साथ ही संबंधित मंत्रालयों के सामने जल्द से जल्द यह मुद्दा उठाने की मांग की।
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